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Archana Tiwari case : अर्चना के लापता होने और फिर रेलवे पुलिस के हत्थे चढ़ने की कहानी बेहद फिल्मी!

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Archana Tiwari case : अर्चना के लापता होने और फिर रेलवे पुलिस के हत्थे चढ़ने की कहानी बेहद फिल्मी!

GRP के SP राहुल लोढ़ा ने सिलसिलेवार अर्चना के सारांश के साथ भागने की प्लानिंग का खुलासा किया!

Bhopal : राखी मनाने इंदौर से अपने घर कटनी जा रही अर्चना तिवारी के नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से गायब होने की मिस्ट्री सुलझ गई। पुलिस ने उसे नेपाल की सीमा से गिरफ्तार कर लिया और आज सुबह उसे भोपाल लाया गया। रेलवे पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेलवे एसपी राहुल लोढ़ा ने सिलसिलेवार बड़ा खुलासा किया।

उन्होंने बताया कि अर्चना तिवारी पर परिवार का शादी के लिए दबाव आ रहा था और वो शादी नहीं करना चाहती थी। इसलिए वो घर से भाग गई। उसके साथ शुजालपुर का रहने वाले सारांश जोकचंद भी था। वो अर्चना का प्रेमी है या नहीं ये नहीं कहा जा सकता, पर उसने अर्चना का भागने में पूरा साथ दिया। एसपी ने बताया कि ये घर से पूरी योजना से भागे थे।
जीआरपी के एसपी के मुताबिक, अर्चना की इंदौर में जनवरी 2025 में सारांश से दोस्ती हुई थी। वो ड्रोन का काम करता है। उस दिन भी सारांश और अर्चना दोनों साथ मे थे। एक ही ट्रेन में उस दिन दोनों यात्रा कर रहे थे।

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घरवालों ने अर्चना पर शादी का बना रहे थे दबाव

राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि सारांश ने कुछ लीगल एडवाइज ली थी। अर्चना के घर वालों ने पटवारी के साथ रिश्ता तय कर दिया था और घर वालों ने अर्चना पर पढ़ाई छोड़कर शादी का दबाव बनाया। अर्चना ने सारांश से कुछ दिन पहले हरदा में एक ढाबे पर बैठक बात की और भागने की प्लानिंग बनाई, लेकिन बाद में भागने की प्लानिंग कैंसल कर दी और गुमशुदगी की साजिश रची।

अर्चना को लगा था रेल यात्रा के दौरान गायब होएंगे तो जीआरपी में मिसिंग रिपोर्ट लिखाएगी जिस पर इतना ध्यान नहीं दिया जाता। लेकिन, जब इस घटना को मीडिया हाइप मिली तो ये नर्मदापुरम से इटारसी आए और फिर इंदौर पहुंचे। बाद में यहां से बुरहानपुर गए और वहां से हैदराबाद चले गए।

ऐसे बनाई अपहरण की प्लानिंग

एसपी ने बताया कि सारांश के साथ तेजिंदर नाम का व्यक्ति भी था, जिसने इटारसी स्टेशन की जानकारी दी, जहां सीसीटीवी नहीं हैं। वहां से भागने की प्लानिंग बनाई। तेजिंदर ने नर्मदापुरम में ट्रेन में अर्चना को नए कपड़े दिए, जिसके बाद अर्चना बी3 कोच से ए2 कोच में जाकर बाहर निकली। आउटर से अर्चना निकली, जहां सीसीटीवी नहीं था। इतना ही नहीं अर्चना तिवारी ने मोबाइल तेजिंदर को बागतवा के जंगलो में फेंकने के लिए कहा। इसके बाद अर्चना सारांश के साथ कार से निकल गई। लेकिन, उसी रात एक फ्रॉड मामले में तेजिंदर को दिल्ली पुलिस ले गई। जीआरपी की टीम ने दिल्ली जाकर तिहाड़ जेल में तेजिंदर से भी पूछताछ की।

एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि अर्चना ने जानबूझकर ट्रेन में समान छोड़ा, ताकि पुलिस को लगे अर्चना कहीं गिर गई है। इतना ही नहीं मोबाइल भी जंगल के पास बंद हुआ था। हालांकि, अर्चना सारांश से वह व्हाट्सएप कॉल पर बात करती थी, इसलिए पुलिस को सीडीआर नहीं मिली।

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अर्चना ऐसे पहुंची काठमांडू

सारांश को जब पुलिस ने उठाया तो मामले की परतें खुलने लगी। दोनों ने यात्रा के दौरान टोल को भी एवाइड किया और इंडोर आकर नया मोबाइल लिया। ये लोग मध्य प्रदेश नहीं छोड़ते, लेकिन मीडिया में हाइप बनने के बाद दूसरे राज्य में जाने की प्लानिंग की। इसके बाद दोनों पहले हैदराबाद गए और फिर नेपाल जाने की प्लानिंग की। बस के जरिए जोधपुर से दिल्ली होते हुए अर्चना तिवारी काठमांडू चली गई।

सारांश के जरिए अर्चना तक पहुंची रेलवे पुलिस

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी ने कहा कि सारांश काठमांडू से वापस आ गया और उसने जानबूझकर अपना मोबाइल इंदौर में छोड़कर रखा था। ताकि, कोई उस तक पहुंच न सके। सारांश को राउण्डअप करने के बाद अर्चना को बॉर्डर तक बुलाकर पुलिस ने राउंडअप किया। फिर दिल्ली के रास्ते फ्लाइट से उसे भोपाल लेकर आए। उन्होंने बताया कि सारांश पर तब शक हुआ जब सभी चीजें हमने जांच कर ली कुछ नहीं मिला। फिर सारांश के 2-3 कॉल बहुत लंबे थे। फिर आईपी एड्रेस से जानकारी लेकर सारांश से पूछताछ की। सारांश को पकड़ने के बाद उसने अर्चना से बात करवाई। सारांश के जरिए काठमांडू से अर्चना को सीमा के जिले लखीमपुर खीरी बुलाया गया और पकड़ लिया।

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