WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home मीडियावाला ख़ास

आलोक मेहता की कॉफी-टेबल बुक रेवलूशनेरी राज का नई दिल्ली में भव्य लोकार्पण

429
WhatsApp Image 2026 02 22 At 17.58.30

आलोक मेहता की कॉफी-टेबल बुक रेवलूशनेरी राज का नई दिल्ली में भव्य लोकार्पण

नई दिल्ली: वरिष्ठ संपादक और जाने-माने लेखक पद्मश्री आलोक मेहता की कॉफी-टेबल बुक ‘Revolutionary Raj: Narendra Modi’s 25 Years’ का लोकार्पण कल शाम कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक गरिमामय समारोह में किया गया। कार्यक्रम में राजनीति, शासन और मीडिया जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अर्थशास्त्री और 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष और पूर्व सांसद एन. के. सिंह, प्रसिद्ध सोशल एक्टिविस्ट और लेखिका रामी छाबरा और पूर्व केंद्रीय मंत्री के. जे. अल्फोंस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की।

वक्ताओं ने पुस्तक को समकालीन राजनीतिक परिदृश्य को समझने की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। बिजनेसवर्ल्ड के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा ने इस कार्यक्रम का संचालन किया।

शुभी पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित यह कॉफी-टेबल बुक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों पर केंद्रित है, जिसमें गुजरात के नेतृत्व से लेकर देश की बागडोर संभालने तक की उनकी राजनीतिक, प्रशासनिक और वैचारिक यात्रा का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। किताब की खास बात यह है कि इसकी भूमिका केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखी है।

इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2002 के गोधरा कांड के बाद वह गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के आलोचक थे, लेकिन गुजरात में समय बिताने और विभिन्न समुदायों के लोगों से संवाद करने के बाद उनका दृष्टिकोण पूरी तरह बदल गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को व्यापक परिप्रेक्ष्य में समझने की आवश्यकता है। उन्होंने तीन तलाक कानून को एक ऐतिहासिक सामाजिक सुधार बताया, जिसका प्रभाव आने वाले वर्षों तक देखा जाएगा।

केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में भारत लगभग दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था था, जो अब बढ़कर लगभग 4.3 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान गति बरकरार रहने पर भारत निकट भविष्य में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। उन्होंने कहा कि देश इस समय उल्लेखनीय परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।

15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन. के. सिंह ने कहा कि भारत आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ स्थिर मैक्रो-इकॉनॉमिक प्रबंधन, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, नियंत्रित महंगाई और निरंतर अवसंरचना निवेश उसे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी अपेक्षाकृत सुरक्षित बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर 6.5–7 प्रतिशत के आसपास टिके रहने की क्षमता रखती है, बशर्ते वित्तीय अनुशासन, पूंजीगत व्यय और राज्यों के साथ समन्वित सुधारों की गति बनी रहे। उनके अनुसार, डिजिटलीकरण, जीएसटी व्यवस्था की स्थिरता और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) जैसी नीतियाँ भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अधिक प्रतिस्पर्धी बना रही हैं।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी जनसांख्यिकीय संरचना और घरेलू मांग है। यदि शिक्षा, कौशल विकास और शहरीकरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जाए तो भारत 2030 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ सकता है।

अन्य वक्ताओं ने भी अपने संबोधन में पुस्तक को प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। वक्ताओं ने कहा कि यह कृति समकालीन भारत की राजनीतिक और प्रशासनिक यात्रा को समझने में उपयोगी संदर्भ सिद्ध होगी।

लेखक आलोक मेहता ने कहा कि इस पुस्तक का उद्देश्य पिछले 25 वर्षों में हुए राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों का तथ्यपरक और विश्लेषणात्मक दस्तावेज प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में शासन के विभिन्न आयामों-ग्रामीण विकास, सामाजिक योजनाएं, आर्थिक सुधार और वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को समग्र दृष्टि से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। यह कॉफी टेबल बुक सामान्य पाठकों के साथ पुस्तकालयों , भारतीय दूतावासों और प्रवासी भारतीयों के लिए बहुत उपयोगी है।