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आपत्तिजनक टिप्पणी से ब्राह्मण नाराज, BJP नेता पर FIR

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खंडवा: खंडवा के एक कारोबारी अनिल आरतानी को सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना महंगा पड़ गया। ब्राह्मण समाज ने इसे आपत्तिजनक मानते हुए इसका विरोध किया और उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

कैबिनेट मंत्री विजय शाह के नजदीकी माने जाने वाले कारोबारी का बेटा पार्षद रह चुका है और अभी युवा मोर्चा में कार्यरत है। कुछ दिनों पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता पर भी ब्राह्मणों के खिलाफ टिप्पणी करने पर मामला दर्ज किया गया था।

इन दिनों ब्राह्मण समाज सामाजिक तौर पर की जाने वाली टिप्पणियों से आहत है। खंडवा में BJP के एक नेता के पिता पर इस वजह से FIR दर्ज की गई कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी। इस टिप्पणी से आहत खंडवा के ब्राह्मणों ने पुलिस थाना घेर लिया। उनकी मांग थी कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।

ब्राह्मणों के विरोध के बाद खंडवा के मोघट रोड थाने पर राहुल पाराशर की शिकायत पर अनिल आरतानी के विरुद्ध धारा 188 व 502 (आईपीसी) में मामला दर्ज किया गया। आरतानी ने ब्राह्मण समाज में शर्मा सरनेम लिखने वाली युवतियों को लेकर अश्लील पोस्ट की थी। केस दर्ज करने की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज के सैकड़ों लोगों ने सुबह थाने का घेराव किया था। अनिल आरतानी को कैबिनेट मंत्री विजय शाह का करीबी माना जाता है। उनका बेटा सागर आरतानी नगर निगम के पिछले कार्यकाल में पार्षद भी रहा है और भाजयुमो में महामंत्री पद पर भी है। सोशल मीडिया पर टिप्पणी के बाद जब मामला गरमाने लगा तो आरतानी ने उस पोस्ट को डिलीट कर दिया। इस बारे में कुछ लोगों का कहना है कि आरतानी काफी सुलझे हुए व्यक्ति है, उनकी सोशल मीडिया पोस्ट का भाव ऐसा नहीं था, जैसा समझा गया। इससे समाज विशेष की भावनाएं आहत हुई हों, ऐसा भी नहीं है।

मुख्यमंत्री के पिता पर मामला

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल पर पिछले दिनों ब्राह्मण समाज के खिलाफ विवादित टिप्पणी को लेकर रायपुर के डीडी नगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था। रायपुर पुलिस ने नंदकुमार बघेल को आगरा से गिरफ्तार किया था। FIR दर्ज होने के बाद माना जा रहा था कि उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। लखनऊ में नंदकुमार बघेल ने ब्राह्मण समाज के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद इस समाज के लोगों में आक्रोश था। उन्हें आगरा से गिरफ्तार कर पुलिस रायपुर लेकर आई थी। बताया गया कि नंदकुमार बघेल ने पहले भी ब्राह्मणों के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी।