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Chhatarpur news: गर्भवती महिला को प्रसव के लिये 6 घंटे तक नर्सो और डॉक्टर ने भटकाया

बच्चे की मौत, कलेक्टर ने कहा दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी

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गर्भवती महिला को प्रसव के लिये 6 घंटे तक नर्सो और डॉक्टर ने भटकाया

छतरपुर से राजेश चौरसिया की रिपोर्ट

छतरपुर: जिले के नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसव के लिए आई गर्भवती महिला के पास पैसा न होने के कारण उसको अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया।

पहले तो नर्सो के द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि 9 से 10 बजे तक बच्चा हो जायेगा। लेकिन फिर बच्चे की डिलेवरी न कराते हुये उसको रिफर करने की सलाह दी। और तकरीब 6 घंटे तक गर्भवती महिला अस्पताल में प्रसव के लिये इंतजार करती रही आखिरकार उसको रिफर कर दिया गया। रिफर के दौरान एम्बुलेंस की सुविधा भी उसको नहीं मिली हाथ में पैसे न होने के कारण प्राईवेट वाहन करने में असमर्थ था। तभी (स्थानीय जागरूक पत्रकार) व्यक्ति ने महिला को प्राइवेट वाहन से जिला अस्पताल भिजवाया और जैसे ही गर्भवती महिला नगर के बाहर नवोदय स्कूल के पास पहुंची तब तक उसने एम्बुलेंस में बच्चे को जन्म दे दिया जहां बच्चा मृत प्राप्त हुआ।

प्रसव के बाद बच्चे की मौत हुई या पेट में यह जांच का विषय है लेकिन अस्पताल प्रबंधन की जो लापरवाही सामने आयी है। वह सवालों के घेरे मे है।

बता दें कि नोगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बरट से ज्ञान राजपूत सुबह 7 बजे अपनी गर्भवती बहू को लेकर नौगांव सामुदायिक केन्द्र आये जहां डिलेवरी वार्ड में डयूटी स्टाफ ने सुबह 9 से 10 बजे तक प्रसव होने की बात कही। लेकिन प्रसव के लिये उसे भर्ती नहीं किया गया।

आरोप लगाते हुये गर्भवती की सास ज्ञान राजपूत ने बताया कि उसको पलंग नही मिला तो कुछ देर तक जमीन पर रही। जब डिलेवरी होनी थी उसके पहले स्टाफ बदल गया दूसरे स्टाफ ने उसे भी भर्ती नही किया और अस्पताल आने के छह घंटे बाद करीब एक बजे उसको रिफर कर दिया।

ज्ञान राजपूत ने बताया कि हमारे पास रूपये भी नहीं थे अस्पताल से एम्बुलेंस नहीं मिली और उसकी यह स्थिति देखते हुये नगर के एक पत्रकार ने प्राईवेट वाहन मुहैया कराया। जैसे ही प्रसूती रिफर हुई तो नवोदय के पास उसने बच्चे को जन्म दे दिया। गाड़ी में बच्चे ने जन्म लिया लेकिन वह मृत था और उसको वापिस अस्पताल लाया गया।

●प्रबंधन की लापरवाही या जान बूझकर किया रिफर..

सवाल यह खड़ा होता है डिलेवरी वार्ड में जब प्रसूती पहुंची तो उसकी प्रारंभिक जांच होनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ नर्सो को यह एहसास हो गया था कि बच्चे को कोई परेशानी है तो वह स्पष्ट परिजनों को बताना चाहिए। प्रसूती को यह कहकर रिफर किया गया था कि यहां डिलेवरी नही हो पायेगी।

●इनका कहना है..

मामले में छतरपुर कलेक्टर संदीप जी आर ने कहा कि नौगांव अस्पताल में गर्भवती महिला के प्रसव के मामले में मेरे द्वारा सीएचएमओ को निर्देशित किया गया है जो भी दोषी हो उस पर कार्यवाही की जाये।

CMHO डॉक्टर विजय पथोरिया का कहना है कि जानकारी आपके द्वारा मिली है। BMO सहित ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर, नर्स सभी को नोटिस देकर जवाब मांगा जा रहा है इसकी स्वयं जांच मैं कर रहा हूं जो भी दोषी होगा उस पर वैधानिक कार्रवाई होगी