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Digital Revolution: न नोट उड़े, न लिफाफे खुले: बारात में अब QR कोड से शगुन,मोदी जी इतना डिजिटल हो गया इंडिया

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Digital Revolution: न नोट उड़े, न लिफाफे खुले: बारात में अब QR कोड से शगुन,मोदी जी इतना डिजिटल हो गया इंडिया

 

– राजेश जयंत

 

एक शानदार बारात, ढोल-नगाड़ों का शोर, नाचते-गाते बाराती… और दूल्हे के सिर पर हाथ में नोट लेकर घुमाने की पारंपरिक रस्म। लेकिन रुकिए! यहां एक ट्विस्ट है। नोट की जगह एक बाराती अपने मोबाइल फ़ोन को दूल्हे के सर पर घुमाता है और फिर ढोल वाले के ढोल पर लगे QR कोड को स्कैन करके शगुन के पैसे ट्रांसफर कर देता है!

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ये नज़ारा एक वायरल वीडियो का है, जो इस कैप्शन के साथ खूब शेयर हो रहा है: “इतना डिजिटल इंडिया तो मोदी जी ने भी नहीं सोचा था।” ये वीडियो दिखाता है कि कैसे टेक्नोलॉजी हमारी परंपराओं का हिस्सा बनती जा रही है। वीडियो में एक शख्स पारंपरिक तरीके से दूल्हे के ऊपर से मोबाइल घुमाकर ‘न्योछावर’ या ‘वार फेरने’ की रस्म निभाता है और फिर ढोल वाले को सीधे डिजिटल पेमेंट कर देता है।

*डिजिटल क्रांति का असर*

ये सिर्फ एक मज़ेदार वीडियो नहीं, बल्कि बदलते भारत की एक सच्ची तस्वीर है। UPI और डिजिटल पेमेंट अब सिर्फ बड़े शहरों या दुकानों तक सीमित नहीं रहे। सब्जी वाले से लेकर ऑटो रिक्शा तक, और अब तो शादी के बैंड-बाजे वाले भी डिजिटल हो गए हैं। ये ढोल वाले अब अपने ढोल पर QR कोड चिपका कर चल रहे हैं ताकि शगुन लेने में कोई दिक्कत न हो।

सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन भी देखने लायक हैं। कुछ लोग इसे देखकर हैरान हैं, तो कुछ इसे ‘पीक डिजिटल इंडिया मोमेंट’ बता रहे हैं।

वहीं कुछ लोगों ने इसे बेहतरीन रचनात्मकता बताया है।

कुल मिलाकर, ये ‘कैशलेस शगुन’ दिखाता है कि भारतीय लोग टेक्नोलॉजी को अपनी ज़रूरतों और संस्कृति के हिसाब से ढालने में कितने माहिर हैं। तो अगली बार जब आप किसी बारात में जाएं, तो शायद आपको भी कैश की जगह अपना फ़ोन तैयार रखना पड़े!