WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home मीडियावाला ख़ास

Jobat ByElection: अभी तो साधने और मनाने के दौर में हैं दोनों पार्टियां

1357

Jobat ByElection

अरविंद तिवारी की विशेष रिपोर्ट

जोबट उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का समय आज समाप्त हो जाएगा। प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुके इस उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में अभी नाराज लोगों को साथ में और मनाने का दौर है। इस काम के लिए दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा संभाल रखा है।

इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए कांग्रेस कोई कसर बाकी नहीं रखेगी कल शाम अलीराजपुर पहुंचे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और मध्य प्रदेश के सह प्रभारी कुलदीप इंदौरा ने महेश पटेल को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से ही नाराज चल रहे दीपक भूरिया से लंबी चर्चा की।

Jobat ByElection

दीपक दिवंगत विधायक कलावती भूरिया के भतीजे हैं और वे भी जोबट से कांग्रेस के टिकट के दावेदार थे। इस दौरान प्रदेश कांग्रेश द्वारा क्षेत्र के प्रभारी बनाए गए खरगोन के विधायक रवि जोशी भी मौजूद थे।

सूत्रों के मुताबिक इंदौर से चर्चा के बाद दीपक संभवतः नामांकन दाखिल ना करें। दीपक के मैदान में आने की स्थिति में जोबट के सारे समीकरण गड़बड़ा सकते हैं। इधर भाजपा में उम्मीदवार न बनाए जाने से नाराज चल रहे जोबट के पूर्व विधायक माधौसिंह को पार्टी ने चुनाव संचालक बना दिया है।

उम्मीदवारी से वंचित दो अन्य नेता मुकाम सिंह डावर और दीपक चौहान को भी पार्टी के वरिष्ठ नेता साधने में लगे हुए हैं। यहां भाजपा ने कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस से भाजपा में आई पूर्व विधायक सुलोचना रावत को मैदान में उतारा है पार्टी का एक धड़ा उनकी उम्मीदवारी से बेहद नाराज है।

Jobat ByElectionJobat ByElection

उसे मनाने में मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा और राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने पूरी ताकत झोंक रखी है। सखलेचा ने पिछले 1 सप्ताह से यहां डेरा डाल रखा है।

Also Read: Khandwa By Election: मैं युवा नहीं हूँ, 63 साल का हो गया!’- सीएम शिवराज, क्या है इसके मायने

जोबट में भाजपा के लिए अलीराजपुर के पूर्व विधायक नागर सिंह भी बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र की सारी चुनावी रणनीति को उन्हीं की अगुवाई में मूर्त रूप दिया जा रहा है।

उनके राजनीतिक वजन का एहसास इसी बात से लगाया जा सकता है मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दोनों नागर सिंह से सीधे संपर्क में है।

इधर कांग्रेस में चुनाव के सारे सूत्र कमलनाथ ने अपने भरोसेमंद रवि जोशी को सौंप रखे हैं। प्रदेश कांग्रेस ने जितने भी नेताओं को यहां तैनात किया है उन्हें जोशी से ही संपर्क रखने के लिए कहा गया।