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Male Patients in Trouble : दस लाख पुरुषों के लिए शहर के अस्पतालों में सिर्फ 300 बिस्तर!

स्वास्थ्य विभाग के पास पुरूषों के लिए अलग से कोई अस्पताल नहीं!

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Male Patients in Trouble : दस लाख पुरुषों के लिए शहर के अस्पतालों में सिर्फ 300 बिस्तर!

Indore : प्रदेश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आज भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं के उपचार के लिए तो यहां कई शासकीय अस्पताल है, लेकिन पुरूषों को यदि भर्ती होना है, तो एमजीएम के अधीनस्थ एमवाय ही एकमात्र अस्पताल है। स्वास्थ्य विभाग के पास पुरुषों को भर्ती करने के लिए कोई अस्पताल नहीं।
इस कारण कई बार पुरुष मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जबकि, शहर में संभाग भर के मरीज इलाज के लिए आते हैं। शहर में पुरुषों की जनसंख्या करीब 10 लाख है। वहीं एमवाय अस्पताल में पुरुष बेड करीब 300 है। ऐसे में पुरुष मरीजों को कई बार मजबूरन निजी अस्पताल में ही इलाज के लिए जाना पड़ता है। जिला अस्पताल में पहले पुरूषों के इलाज के लिए 40 बेड थे, लेकिन अब वह भी नहीं है।
शहर में इसके अलावा पीसी सेठी, एमटीएच, आदि अस्पताल भी है। लेकिन, यहां सिर्फ महिलाओं और बच्चों के लिए ही इलाज की सुविधा है। यह व्यवस्था जिम्मेदारों को भी नजर आती है, लेकिन इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं देते हैं। हालांकि जिला अस्पताल में पुरुष वार्ड बनाने की योजना है, लेकिन सालों से इसका निर्माण कार्य चल रहा है। यह कब तक बनकर तैयार होगा, यह भी अभी तक तय नहीं।
स्वास्थ्य विभाग के बाणगंगा स्थित अस्पताल की प्रभारी सुनीता यादव का कहना है कि हमारे पास स्टाफ की कमी है, साथ ही महिलाओं की डिलिवरी भी अधिक संख्या में होती है। इस कारण से हम पुरुष मरीजों को भर्ती नहीं कर पाते हैं।

अभी एमवाय में 800 बेड
वर्तमान में एमवाय अस्पताल में 800 बेड है। जिसमें से करीब 300 पुरूषों के लिए और बाकी बच्चों और महिलाओं के लिए है। अस्पताल में छठी मंजिल पर 120 बेड भी बनकर तैयार हो रहे हैं। जिसके बाद यहां बेड की संख्या 900 से भी अधिक हो जाएगी।

सुपर स्पेशियलिटी में भर्ती आसान नहीं
वहीं एमजीएम के अधीन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भी पुरूषों के भर्ती होने की सुविधा है। लेकिन, इस अस्पताल में आम मरीजों का भर्ती होना आसान नहीं है। जिसके कारण हमेशा मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जानकारी अनुसार यहां दोपहर 3 बजे के बाद मरीजों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सीएमएचओ डॉ बीएस सैत्या के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग के पास पुरूषों के लिए बाणगंगा स्थित अस्पताल में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भर्ती किया जाता है। इसके अलावा जिला अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है, वहां भी जल्द सुविधा मिलने लगेगी।