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MLA Is Bigger Then Corona: विधायक के जन्मदिन का न्योता या कोरोना को न्योता, लगी भारी भीड़

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छतरपुर से राजेश चौरसिया की रिपोर्ट

“कोरोना संकट के बीच बड़ामलहरा में एक नेता जी के जन्मदिन पर बड़ी पार्टी का आयोजन किया गया। उस पार्टी में लगभग तीन चार हजार लोगों को आमंत्रण दिए गए। वहां आए लोगों ने ना मास्क पहन रखा था और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन था।”

Chhatarpur: देश में कोरोना की तीसरी लहर तबाही दिखाने लगी है। रोज के एक लाख मामले सामने आ रहे हैं। मध्यप्रदेश में भी कोरोना का विस्फोट हुआ है और रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। लेकिन इस सब के बावजूद भी लोग बेतहाशा लापरवाही बरत रहे हैं।

ताजा मामला छतरपुर जिले के बड़ामलहरा का है जहां पर विधायक प्रदधुमं सिंह लोधी के जन्मदिन पर बड़ी पार्टी का आयोजन किया गया. उस पार्टी में कई मेहमानों को बुलावा दिया गया, लेकिन किसी ने भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया।

●वीडियो वॉयरल..
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि लोग जश्न में ऐसा मस्त हो चुके हैं कि उनमें कोरोना का कोई खतरा नहीं दिख रहा, सुबह से ही केक काटने का सिलसिला जारी रहा लेकिन जितनी भी तस्वीर सामने आई हैं, सभी सिर्फ लापरवाही की कहानी बयां कर रही हैं. तस्वीरों के अलावा कुछ वीडियो भी ट्रेंड कर गए हैं।

●आम आदमी के लिए रोको टोको नेता जी को स्पेशल छूट..
जहाँ आम आदमी को लगातार प्रशासन की ओर से रोकोटोको अभियान चलाकर मास्क लगाने के प्रेरित किया जाता है। साथ मे चालानी कार्यवाही की जाती है तो फिर नेता जी बिना मास्क पूरे दिन जगह जगह केक काटकर अपना जन्मदिन मनाते रहे।जबकि पुलिस दल नेता जी की साथ साथ चलता दिखाई दिया।

MLA Is Bigger Then Corona: विधायक के जन्मदिन का न्योता या कोरोना को न्योता, लगी भारी भीड़

●साल में दो बार मनाया जाता है जन्मदिन..
नेताओ को पार्टी बदलते तो देखा है परंतु नेता जी जन्मदिन की तारीख भी बदलते है ये पहली बार सुना है। नगर में चर्चा का विषय है कि जब विधायक जी कांग्रेस में थे तब कार्यकर्ताओं के द्वारा 10 जून को नेता जी का जन्मदिन मनाया गया था। परंतु भाजपा में आते ही नेता का जन्मदिन भी 10 जून की जगह 30 जनवरी को हो गया।

आपके लिए बता दें कि नगर में अभी एपेडेमिक एक्ट लागू है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर बच्चों को स्कूल तक नही जाने दिया गया। ऐसे में इस प्रकार के कार्यक्रमों पर पाबंदियां क्यो नही, जबकि जिस जगह ये कार्यक्रम किया जा रहा है उस जगह पूरा प्रशासन निवास करता है। ऐसे में लोगो का कहना है कि नियम और कायदे कानून केवल आम आदमी के लिए है।नेताओ के लिए नहीं।