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यहां जो मन में है, वही मुंह पर है… मोदी तीसरी बार आएंगे और मुलायम स्वर्ग तो नहीं गए…

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यहां जो मन में है, वही मुंह पर है… मोदी तीसरी बार आएंगे और मुलायम स्वर्ग तो नहीं गए…

कहते हैं कि संत का मन बहुत ही निर्मल होता है। जो मन में होता है, वही मुंह पर भी आता है और मन की बात उन सभी श्रोताओं तक पहुंच जाती है जो संत को सुनते हैं। ऐसे ही श्रेष्ठतम संत हैं जगद्गुरू रामभद्राचार्य, जिनकी वाणी सुनकर व्यक्ति उनके प्रति श्रद्धावनत हुए बिना नहीं रहता। यह राजधानी भोपालवासियों का सौभाग्य है कि रामभद्राचार्य के मुख से रामकथा सुनने का अवसर मिला है। शनिवार को व्यासगद्दी से प्राणदायिनी मां नर्मदा की नवगीत गाकर आराधना कर जगद्गुरू रामभद्राचार्य ने मन की बात खुलकर रखी। उन्होंने भविष्यवाणी कर दी कि केंद्र में मोदी की सरकार तीसरी बार बनेगी। बड़े-बड़े काम होंगे। गौवध बंद होगा, हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाना है। यह भी संकेत दिया कि भोपाल के ताल में भी कमल खिलेगा यानि 2023 में प्रदेश में भी फिर भाजपा सरकार बनेगी। तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अनुशासन देते हुए अपेक्षा की, कि भोपाल का नाम भोजपाल कर दें। यह कार्य भाजपा की सरकार में ही होगा। जिस तरह होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम किया, उसी तरह भोपाल का नाम भोजपाल किया जाए। रामभद्राचार्य जी ने कहा कि मेरी कथा तब सफल होगी जब मध्यप्रदेश सरकार भोपाल का नाम भोजपाल कर दे। ऐसा स्थान भोज जिसके पालक हैं। और फिर साफ किया कि यह काम भाजपा की सरकार में ही होगा। रामचरित मानस पर बयानबाजी करने वाले नेता स्वामी प्रसाद मौर्य और बिहार के चंद्रशेखर को चुनौती दी कि रामचरित मानस पर जो आपत्ति हो, उनका निराकरण वह करने को तैयार हैं।
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जगद्गुरू रामभद्राचार्य ने कांग्रेस पार्टी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने मुझ पर लाठी चलवाई थी, मुझे जेल में डाला था। मेरी कलाई टूट गई थी। मुश्किल से बच पाया था। मैं कांग्रेस सरकार पर क्यों प्रहार करूं, जो सच है, वह बोलता हूं। कांग्रेस सरकार ने मेरी योग्यता का सम्मान नहीं किया। पर भाजपा सरकार ने मेरी योग्यता का सम्मान किया। मेरी अवस्था ज्यादा हो गई तो मैंने दिव्यांगों के विद्यालय को सरकार से लेने का अनुरोध किया तो सरकार ने ले लिया। मुझे जिंदा में 2015 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया, जबकि ज्यादातर यह सम्मान लोगों को मरणोपरांत दिया जाता है। मुलायम को मरणोपरांत मिला है। अब मुलायम तो देख भी नहीं पा रहे होंगे कि उन्हें सम्मान मिला है क्योंकि वह तो स्वर्ग में भी नहीं होंगे। रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले को स्वर्ग में जगह नहीं मिल सकती। भाजपा ने मेरी योग्यता का सम्मान किया, तो मैं भी भाजपा सरकार का सम्मान करता हूं।
25 04 2017 digvijaysingh modi
फिर कांग्रेस पर निशाना साधा कि क्या सेना पर अविश्वास करना चाहिए? दिग्विजय सिंह को क्या सूझी है कि सर्जिकल के सबूत मांग रहे हैं। जबकि राहुल ने कह दिया है कि नहीं चाहिए सबूत, क्योंकि सेना भगवान हैं। फिर मन की बात मुंह पर आ गई कि राजीव से मैं बहुत प्रेम करता था। दुख जताया कि पापियों की संगत में राजीव की हत्या हो गई। सोनिया गांधी को सनातन धर्म का विरोधी बताया तो मनमोहन को फाइली प्रधानमंत्री, क्योंकि राम के अयोध्या में जन्म पर इन्होंने सवाल उठाए थे। बोले कि उन्होंने मनमोहन को समझाइश दी थी कि सोनिया भले कह दें कि अयोध्या में राम पैदा नहीं हुए लेकिन तुम्हें क्या हो गया। तुम सिख हो और सिख ग्रंथ में 5600 बार राम नाम लिखा है। राम मंदिर पर अपनी गवाही का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 2 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया था और मेरे बयान को 80 बार कोट‌ किया गया था। सरयू के पार पांच‌ एकड़ जमीन मुसलमानों को दी गई थी। उन्होंने अंग्रेजी संस्कृति, हिंदू-मुस्लिम विवाह का विरोध किया। तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की धर्मपत्नी साधना सिंह की उनका विशेष तौर पर सम्मान करने की तारीफ की। तो फिर भरोसा जताया कि भाजपा के समय में ही भोपाल का नाम भोजपाल हो जाएगा और कमल ही खिलेगा।
हालांकि मन की यह बातें अलग और रामकथा में रामवनगमन, राम-सीता विवाह और सीताराम शब्द का रहस्य और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अवतार को श्रेष्ठ अवतार बताया। रामकथा का ऐसा रस शायद ही किसी के मुख से मिल पाए जैसा जगद्गुरू रामभद्राचार्य की वाणी से मिलता है। क्योंकि वह ऐसे श्रेष्ठतम संत हैं जो संयासी हैं और जिनके मन की बात मुंह पर आती है, यही उनका निर्मल मन है…।