WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home मीडियावाला ख़ास

New Tax Rules : जितना महंगा शौक करोगे उतना ज्यादा आयकर देना होगा, अमीरों पर सरकार की नजर!

अब कुछ और महंगे आइटम भी 'टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स' की सीमा में आए, नोटिफिकेशन जारी!

772
New Tax Rules

New Tax Rules : जितना महंगा शौक करोगे उतना ज्यादा आयकर देना होगा, अमीरों पर सरकार की नजर!

New Delhi : केंद्र सरकार ने फिलहाल एक जनवरी 2025 से ₹10 लाख से अधिक कीमत वाले मोटर वाहनों पर 1% की दर से टीसीएस (सोर्स पर कलेक्ट टैक्स) लगाया है। लेकिन, बात यहीं खत्म नहीं होती। अब टैक्सपेयर्स को 22 अप्रैल से ₹10 लाख से ज्यादा कीमत वाले हैंडबैग, कलाई घड़ी, जूते, हाई-एंड स्पोर्ट्सवियर और आर्ट ऑब्जेक्ट जैसी लग्जरी वस्तुओं की खरीद पर भी 1% टीसीएस (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) देना होगा। महंगे मोटर वाहनों पर 1% की दर से टीसीएस लगाए जाने के बाद अमीरों पर यह नया टैक्स है।

आयकर विभाग ने 22 अप्रैल से ₹10 लाख से अधिक की विशिष्ट लग्जरी वस्तुओं की बिक्री पर एक प्रतिशत टीसीएस लगाए जाने को अधिसूचित किया है। टीसीएस को निर्दिष्ट वस्तुओं की बिक्री के समय खरीदार से लिया जाता है तथा इसे आयकर रिटर्न दाखिल करते समय क्रेता की कर देनदारी में समायोजित किया जा सकता है। स्रोत पर कर कटौत्री से कोई अतिरिक्त राजस्व प्राप्त नहीं होता। लेकिन, इससे आयकर विभाग को उच्च मूल्य के व्यय का पता लगाने में मदद मिलती है। क्योंकि, खरीदारी के समय पैन विवरण प्रस्तुत करना होता है। दस लाख रुपए से ज्यादा कीमत वाली लक्जरी (विलासिता वाली) वस्तुओं और मोटर वाहन के लिए टीसीएस प्रावधान वित्त अधिनियम, 2024 के माध्यम से जुलाई, 2024 में बजट में पेश किया गया था।

 


अब इन आइटम्स पर भी देना होगा टैक्स, नोटिफिकेशन जारी!


 

यह है इस नई कर व्यवस्था का ब्यौरा

टीसीएस कलेक्ट करने का दायित्व विक्रेता पर होगा। यह अधिसूचित वस्तुओं जैसे कलाई घड़ी, कला वस्तुएं जैसे पेंटिंग, मूर्तियां और प्राचीन वस्तुएं, संग्रहणीय वस्तुएं जैसे सिक्के और टिकट, नौकाएं, हेलीकॉप्टर, लक्जरी हैंडबैग, धूप के चश्मे, जूते, उच्च श्रेणी के खेल परिधान और उपकरण, होम थिएटर सिस्टम और रेस या पोलो के लिए घोड़े आदि पर लागू होगा। यह अधिसूचना उच्च मूल्य वाले विवेकाधीन व्यय की निगरानी बढ़ाने और लक्जरी सामान खंड में ऑडिट को मजबूत करने की सरकार की मंशा बताती है। यह अधिसूचना कर आधार का विस्तार करने तथा अधिक वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देने के व्यापक नीतिगत उद्देश्य को दर्शाती है।