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Online Fraud Case : बैंक की महिला अधिकारी से 17 लाख की ऑनलाइन ठगी, 2 गिरफ्तार!

जानिए, कैसे डिजिटल अरेस्ट करके महिला को 4-5 घंटे डराया, धमकाया गया!

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Online Fraud Case : बैंक की महिला अधिकारी से 17 लाख की ऑनलाइन ठगी, 2 गिरफ्तार!

 

Indore : ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं आम हो गई। पढ़े-लिखे लोग भी इसके शिकार बन रहे हैं। इंदौर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां एक महिला बैंक अधिकारी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई। हैरान करने वाली बात है कि बैंक अधिकारी और कर्मचारी खुद ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में लोगों और ग्राहकों को सर्तक करते हैं, लेकिन यहां महिला बैंक अधिकारी साइबर अपराधियों के झांसे में आ गई।

इस मामले में इंदौर पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने एसबीआई बैंक की एक महिला अधिकारी के साथ 17 लाख रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी की साजिश रची थी। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अधिकारी के रूप में स्कैमर्स ने महिला को घर में ही नजरबंद कर दिया। राजस्थान में गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों ने कथित तौर पर देशभर में कई लोगों को ठगा है। इंदौर क्राइम ब्रांच वर्तमान में उनकी धोखाधड़ी गतिविधियों के बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ कर रही है।

वारदात के मुताबिक, इस गैंग के एक बदमाश ने महिला को कॉल करके कहा कि हम टीआरएआई (ट्राई) के अधिकारी बात कर रहे हैं। आपके आधार कार्ड से मुंबई से जो सिम कार्ड इश्यू हुआ है, उस नंबर से अनैतिक गतिविधियां हो रही है। इस पर फरियादी ने कहा कि मेरा दूसरा नंबर नहीं है और न मुंबई से कोई सिम ली। तब गैंग ने मुंबई पुलिस से कनेक्ट करने को कहा और मुंबई कोलाबा अधिकारी के नाम से अन्य व्यक्ति से बात कराई जिसने अपना नाम विनय खन्ना बताया और फोन काट दिया। इसके बाद स्काइप इंस्टाल कर वीडियो कॉल करने को कहा गया। अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारी बताकर 4-5 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा।

संदिग्ध होने का भय बताया 

ठग ने कहा कि आपके आधार नंबर की जांच संबंधित डिपार्टमेंट से करा रहे हैं। उसके बाद गैंग ने कहा कि नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग केस में आप मुख्य संदिग्ध हो। डराया गया कि आपके 20 लाख रुपए को सीक्रेट सर्विलांस अकाउंट जहां आरबीई आपके ट्रांजेक्शन को वेरीफाई करेगी और आपको आपके बैंक खाते में रिफंड कर देगा। उस पर महिला ने पूछा कि पैसे क्यों ट्रांसफर करूं तो गैंग ने कहा कि कोर्ट का समन है अन्यथा आपको आपके घर से अरेस्ट किया जाएगा।

तीन लाख की ओर मांग की

गैंग की बातों में आकर महिला ने 17 लाख रुपए एनईएफटी ट्रांजेक्शन के माध्यम से गैंग के बताए अनुसार दिए। उसके बाद भी ठग ने 3 लाख रुपए की और मांग की, जो महिला ने नहीं दिए। कुछ घंटे तक फरियादी ने पैसे रिफंड आने का इंतजार किया। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी पर केस दर्ज किया था। जांच के बाद मुस्तफा बोहरा अली निवासी खातीवाला टैंक तथा अरशद खान निवासी चंदन नगर को पकड़ा।

मोबाइल दुकान चलाता था आरोपी

आरोपी अरशद की जेल रोड और मुस्तफा की खातीवाला टैंक पर मोबाइल की शॉप थी। मुस्तफा 12 वीं और अरशद 10 वीं पास है। आरोपियों ने इंडसइंड बैंक, यस बैंक, एयू बैंक, कॉसमॉस बैंक में ठगी की राशि जमा कराई। पूछताछ में बताया कि सैकड़ों लोगों को कॉल करते हैं उनमें से जो बातों में आ जाता, उसको शिकार बनाते थे। आरोपी अरशद ठेके एवं कमीशन पर बैंक अकाउंट प्राप्त करता था।