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PM Vishwakarma Scheme: CS की अध्यक्षता में हाईलेवल मॉनिटरिंग कमेटी गठित

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PM Vishwakarma Scheme: CS की अध्यक्षता में हाईलेवल मॉनिटरिंग कमेटी गठित

भोपाल. मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक हाईलेवल मानीटरिंग कमेटी का गठन किया है। मुख्य सचिव वीरा राणा इस समिति की अध्यक्ष होंगी।

समिति में अपर मुख्य सचिव कुटीर एवं ग्रामोद्योग इस समिति के सदस्य सचिव होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव, खाद्य एवं उद्यानिकी विभाग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, श्रम विभाग, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मत्स्य पालन एवं मछुआ कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव इस समिति के सदस्य होंगे। संचालक संस्थागत वित्त, राज्य अग्रणी बैंक के संयोजक इसके सदस्य होंगे।

मध्यप्रदेश मेंं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत विश्वकर्मा समुदाय की 140 से अधिक जातियों को लाभ प्रदान किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत विश्वकर्मा समुदाय की सभी जातियों को बहुत ही कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करवाया जाएगा, इसके साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही विभिन्न् प्रकार की सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण और ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण के दौरान पांच सौ रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के टूल किट खरीदने के लिए पंद्रह हजार की राशि बैंक के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत नागरिक फ्री में ट्रेनिंग प्राप्त कर सकेंगे और उन्हें खुद का व्यवसाय शुरु करने के लिए सरकार से मात्र 5 प्रतिशत ब्याज पर तीन लाख रुपए तक की राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना में दो चरणों में बैंक लोन दिया जाएगा। पहले चरण में एक लाख और दूसरे चरनण में दो लाख रुपए का लोन दिया जाएगा। इस योजना के तहत पात्र उम्मीदवार ऑनलाईन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।

इस योजना में लोहजार, पांचाल, बघेल, बड़गर, बग्गा, भारद्वाज जैसी 140 जातियों को इसका लाभ दिया जाएगा अठारह प्रकार के पारंपरिक व्यवसाय के लिए सरकार लोन प्रदान करेगी। योजना के माध्यम से शिल्पकारों और कुशल कारीगरों को बैंक से कनेक्ट किया जाता है और उन्हें एमएसएमई के माध्यम से भी जोड़ा जाता है योजना में सिर्फ शिल्पकारों और कारीगरों को प्रमाणपत्र और आईडी प्रदान किये जाएंगे जिससे उन्हें एक नई पहचान मिलेगी।