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Title of Bhojshala Should be Decided : हिंदू नेताओं ने कहा कि भोजशाला का टाइटल तय हो!

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Title of Bhojshala Should be Decided

Title of Bhojshala Should be Decided : हिंदू नेताओं ने कहा कि भोजशाला का टाइटल तय हो!

शहर काजी ने ASI के सर्वे पर आपत्ति जताई और SC के आदेश का उल्लंघन बताया!

धार से छोटू शास्त्री की रिपोर्ट

Dhar : भोजशाला में कल शुक्रवार को नमाज अता करने के बाद शहर काजी ने मीडिया से चर्चा में कहा था कि एएसआई द्वारा किए जा रहे सर्वे पर हमको आपत्ति है। शहर काजी ने इसे उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन बताया। इसी बात को लेकर आज हिन्दू समुदाय की तरफ से महाराजा भोज सेवा संस्थान के गोपाल शर्मा ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट में पिटीशन दायर की भोजशाला का टाइटल तय हो। क्योंकि, एक ही स्थान पर पूजा और नमाज दोनों हो रही थी तो समझ में नहीं आ रहा था यह मंदिर है कि मस्जिद है।

उन्होंने कहा कि पिटीशन के माध्यम से सर्वे का कार्य प्रारंभ हुआ है। निश्चित ही यह सर्वे सच जानने के लिए हो रहा है। आप भी जानते हो कि सच क्या है। हम डंके की चोट पर कह रहे हैं कि अगर साक्ष्य मिले और मस्जिद निकले तो आप ले लेना। हिंदू समाज की ओर से हम यह वादा करते हैं। मंदिर निकले तो आप मंदिर में आ जाना। यह सर्वे हो किसके लिए रहा है, सच सामने के लिए ही तो हो रहा है। अगर आप कमाल मौलाना को भी अपना आदर्श मानते हैं, तो उनके अनुसार धर्म की बात कीजिए। लेकिन, आप तो अलाउद्दीन खिलजी, मोहम्मद खिलजी जिन्होंने भोजशाला और हिंदू समाज को नष्ट करने का प्रयत्न किया उनकी भाषा में वह काम करते हैं।

हिंदू समाज अपने मंदिर को बचाने के लिए है, यह बार-बार कहते हैं। भोजशाला जांच का विषय कहां है। जांच का विषय तो कमाल मौलाना की दो समाधि है। यहां परिसर में तलघर है हमको भी नहीं पता था। लेकिन, सच तो इससे भी अलग हटकर कर है। कमाल मौलाना का 1310 में अहमदाबाद में देहांत हुआ। आज भी जामा मस्जिद के पास कमाल मौलाना की दरगाह बनी हुई है। एक व्यक्ति तीन जगह कैसे हो सकता है बता दीजिए। जांच का विषय वहां होना चाहिए जहां मिस्ट्री है, किवदंती है।

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