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Who Will Next Vice President: भाजपा संसदीय बोर्ड की आज बैठक, नाम पर लगा सकती है मुहर, ये नाम है चर्चा में 

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Who Will Next Vice President: भाजपा संसदीय बोर्ड की आज बैठक, नाम पर लगा सकती है मुहर, ये नाम है चर्चा में 

 

New Delhi: देश में उप राष्ट्रपति पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। आगामी 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर भाजपा संसदीय बोर्ड रविवार को खास बैठक करने जा रही है, जहां नए उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाई जा सकती है। यह चुनाव तब हो रहा है जब जयदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हुआ है।

संसदीय बोर्ड, जो भाजपा की सर्वोच्च नीति-निर्धारण संस्था है, इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे। वे नए उपराष्ट्रपति के नाम के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद और अन्य अहम मुद्दों पर भी विचार करेंगे।

अभी तक भाजपा की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों की मानें तो कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत के साथ ही डॉ सत्यनारायण जटिया, मनोहर लाल खट्टर के नाम भी चर्चाओं में है।

इन नेताओं के नाम के साथ ही संसदीय बोर्ड किसी अनुभवी उम्मीदवार को भी चुन सकता है, जो सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों पर मेल खाता हो।

राजग गठबंधन में स्पष्ट बहुमत के कारण भाजपा के उम्मीदवार के निर्विरोध चुनाव की संभावना अधिक है। हालांकि विपक्ष की ओर से भी संभवतः अपना प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारियां हैं, जिससे चुनाव रोचक बनेगा।

इसी बैठक में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर भी चर्चा हो सकती है। वर्तमान में जेपी नड्डा पार्टी नेतृत्व का भार संभाल रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रदेश स्तर पर चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब अंतिम निर्णय होने वाला है। इसके अलावा बिहार में मतदाता सूची के सघन पुनरीक्षण अभियान (SIR) जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार होगा।

उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त है, जिसके बाद चुनाव 9 सितंबर को होगा।

इस मौके पर राजनीतिक कूटनीतिक रणनीतियां और दलों के समीकरण खास अहमियत रखते हैं क्योंकि उपराष्ट्रपति संविधान के दूसरे सर्वोच्च पद के रूप में देश के लोकतंत्र की रक्षा और कार्यपालिका-विधायिका के बीच संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।