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GST वसूलने 7 साल के रिकार्ड मांगे, हर सप्लायर का डेटा जुटा रही सरकार

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GST वसूलने 7 साल के रिकार्ड मांगे, हर सप्लायर का डेटा जुटा रही सरकार

भोपाल: GST से अधिकतम टैक्स वसूली के लिए राज्य सरकार अब जुलाई 2017 से अब तक के ऐसे सप्लायरों के नाम, पते और उनके द्वारा की गई सप्लाई का डेटा तलाश रही है जो सरकारी संस्थाओं में सप्लाई करने के बाद भी GST पेड नहीं कर रहे थे। इसके लिए सभी सरकारी संस्थाओं को नोटिस देकर उन्हें मटेरियल सप्लाई करने वाले सभी तरह के सप्लायरों की जानकारी देने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही होर्डिंग लगाने वाली विज्ञापन एजेंसियों, माय एफएम, थियेटर, सिनेमा हाल और गोदाम, वेयरहाउस से जुड़े ट्रांसपोर्टर्स की भी तलाश की जा रही है जो जुलाई 2017 से किसी न किसी रूप में टैक्स की चोरी कर रहे हैं।

आयुक्त वाणिज्यिक कर द्वारा सभी संभागीय उपायुक्तों, सहायक आयुक्तों, सर्किल प्रभारी को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि सरकारी संस्थाओं को धारा 51 (1) और धारा 24 में रजिस्टर करना है और इन संस्थाओं को जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस) की सप्लाई देने वाले सप्लायरों को भुगतान के समय पैन और जीएसटीआईएन की जानकारी दर्ज करने के लिए एडवाइजरी जारी किया जाना है। इसके आधार पर फरवरी मास की स्थिति में विभाग के पास सभी सर्किल कार्यालयों से दर्ज जानकारी में बताया गया कि 5817 सरकारी संस्थानों को पत्र जारी किए गए और 525 संस्थानों को विभाग के अफसर इसको लेकर नोटिस ही जारी नहीं कर सके। इसमें से 4952 संस्थानों ने भुगतान के लिए लेटर इश्यू किए हैं जबकि 1390 ने कोई पत्र इश्यू नहीं किए हैं। इसके बाद विभाग को अधिकारिक तौर पर 759 संस्थानों से रिसीविंग मिली है और 5583 संस्थानों से सूचना मिलना बाकी है।

सप्लायर की पूरी जानकारी देना होगी
विभाग द्वारा सरकारी संस्थाओं को दिए नोटिस में यह भी कहा गया है कि सप्लायर का नाम और पता अनिवार्य रूप से देना होगा। साथ ही पैन, जीएसटीएन और जुलाई 2017 से वर्ष वार किए गए सप्लाई का पूरा ब्यौरा भी देना होगा। इसके साथ ही विभाग द्वारा गोदाम, वेयर हाउस, ट्रांसपोर्टर को भी एनरोल किए जाने के निर्देश दिए हैं। अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार 5931 नोटिस जारी किए जिसमें से 16 ट्रांसपोटर्स का एनरोलमेंट हुआ है और 4662 का एनरोलमेंट होना बाकी है। विभाग ने नॉन गवर्नमेंट बॉडी के अंतर्गत 7039 में से 1205 संस्थाओं ने ही विभाग को जानकारी दी है।

बार लाइसेंस और शराब बेचने वालों की भी रिपोर्ट तलब
विभाग द्वारा सिनेमा हाल, थियेटर, एफएम रेडियो, लोकल टीवी चैनल, होर्डिंग लगाने वाली एडवरटाइजिंग एजेंसी को भी इसके दायरे में रखा है। इसमें से 250 एजेंसियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है और 86 एजेंसियों की जानकारी ली गई है। विद्युत वितरण कम्पनियों, शराब दुकान के लाइसेंस होल्डर और खनिज साधन विभाग को भी कहा गया है कि जीएसटी को लेकर पूरी जानकारी देना होगा। शराब दुकान के बार लाइसेंस होल्डर और शराब बेचने वाले लाइसेंस होल्डर के भी 2017-18 से 2022-23 के बीच का पूरा विवरण देने के लिए कहा गया है। इसमें वेट की राशि जमा करने, आईटीआर का क्रेडिट नहीं लिए जाने और आबकारी परमिट से संबंधित स्टेटमेंट लिया जाएगा।